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Ayurvedic Water Therapy

 Ayurvedic Water Therapy - सिर्फ सही पानी पीकर भी तीनों दोष संतुलित किए जा सकते हैं - इस पोस्ट में हम एक बेहद आसान लेकिन अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले विषय पर बात करेंगे — पानी।  आयुर्वेद के अनुसार सही तरीके से पानी पीना अपने-आप में एक चिकित्सा है।  अगर पानी को शरीर की प्रकृति और बीमारी के अनुसार लिया जाए, तो यह वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में मदद कर सकता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा पानी पीना ही हेल्दी है, लेकिन आयुर्वेद कहता है कि सही तापमान, सही समय और सही मात्रा में लिया गया पानी ही शरीर के लिए औषधि बनता है। अब समझते हैं कि गर्म पानी और सामान्य तापमान वाले पानी का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है और किस स्थिति में कौन सा पानी बेहतर रहता है। गर्म पानी के सेवन के प्रमुख लाभ आयुर्वेदिक ग्रंथों में उष्ण जल यानी गर्म पानी को पाचन और शोधन के लिए अत्यंत उपयोगी बताया गया है। पाचन शक्ति को मजबूत करता है गर्म पानी जठराग्नि को सक्रिय करता है। जिन लोगों को भूख कम लगती है, खाना भारी लगता है या भोजन ठीक से नहीं पचता, उनके लिए गर्म पानी बहुत लाभकारी माना जाता है। यह...

पीढ़ी कहां जा रही है एक विचार

👉🏻 *बच्चों की शादी 20 वर्ष की उम्र में तो एक शताब्दी में 5 पीढ़ी* 👉🏻 *बच्चों की शादी 25 वर्ष की उम्र में तो एक शताब्दी में 4 पीढ़ी* 👉🏻 *बच्चों की शादी 33 वर्ष की उम्र में तो एक शताब्दी में 3 पीढ़ी*  साधारण गणना से पता चलता है कि हिन्दू जनसंख्या वृद्धि दर कहां जा रही है? विचारणीय तथ्य। *❗क्या हमारा समाज अगली सदी तक रहेगा ही नहीं?*  — हिन्दू समाज के आत्ममंथन का समय आ गया है — आज चारों ओर एक अजीब-सा अंधकार फैल गया है। 🏚️ गाँव सूने, मोहल्ले खाली, और घरों में चुप्पी है। *बेटियाँ 30–35 की उम्र तक कुंवारी।* *बेटे 35 पार कर चुके, पर विवाह नहीं।* शादी होती है तो बहुत देर से… बच्चे होते हैं तो एक ही… *और फिर तलाक़… टूटे हुए परिवार…* *माता-पिता अकेले…..और पूरी पीढ़ी खोखली।* *क्या इसे “शिक्षित समाज” कहा जाए या “आत्मघाती समाज”?*  *⚠️ जनसंख्या घटने की चुपचाप चलती साजिश*  मान लीजिए 100 लोग हैं = 50 जोड़े। अगर हर जोड़ा केवल एक संतान पैदा करता है — तो अगली पीढ़ी में बस 45-46 बचते हैं। फिर वही क्रम चला, तो तीसरी पीढ़ी में समाज लगभग शून्य। यह कोई डराने की बात नहीं — यह गणित है, ...

चेंदरू मंडावी की सच्ची कहानी

  चेंदरू मंडावी की सच्ची कहानी छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के एक छोटे-से गाँव में जन्मे चेंदरू मंडावी एक साधारण आदिवासी परिवार से थे। उनका जीवन संघर्षों से भरा था। उनके माता-पिता मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। गरीबी, जंगलों की दुर्गमता और संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई करना उनके लिए बहुत कठिन था। कई बार उन्हें स्कूल जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। चेंदरू बचपन से ही पढ़ने का शौक रखते थे। वे दिन में खेतों में काम करते और रात में मिट्टी के दीये की रोशनी में पढ़ाई करते थे। गाँव में शिक्षा को ज़्यादा महत्व नहीं दिया जाता था, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। समाज और परिस्थितियों ने उन्हें कई बार रोकने की कोशिश की, लेकिन उनके भीतर कुछ कर दिखाने की जिद थी। धीरे-धीरे चेंदरू ने शिक्षा के महत्व को अपने गाँव के बच्चों को भी समझाया। उन्होंने बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया और स्वयं उदाहरण बनकर दिखाया। आगे चलकर उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और सफलता हासिल की। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि कठिन हालात भी मजबूत इरादों के आगे हार मान लेते हैं। आज चेंदरू मंडावी...

*1 जनवरी,1948 #खरसावां के शहीदों को सादर नमन ।*

1 जनवरी,1948 खरसावां के शहीदों को सादर नमन 💞🙏                       उन्मुक्त देसज वीर शहीद, अब पंछी बन ऊँची उड़ान भरते हैं, वक्त का फेर देखिये, मुख्य अपराधी षड्यंत्रकारी की खोखली ऊँची मूरत मस्तक पर पंछी रोज भर-भरकर बीट करते हैं, ऊंची मूरत और कसीदे भी दशकों बाद उसके अपराधों को ढक नहीं पाये.... उस अपराधी को आमनागरिक याद नहीं करते, आम जनमानस में वो कहीं नहीं ही है लेकिन हम सदा जीवंत हैं, आज भी अपने जीवनदर्शन, रहन सहन, समृद्ध परंपराओं में लोगों के दिलों में हैं, साथ हैं, लोग हमारे बीच हैं, हम लोगों के बीच हैं, कहीं उनके आश्चर्य का विषय हैं, ज्ञान, सीख, अनुपालन का विषय हैं, लोगों के दिलों गहरे स्नेही भावपूर्ण हैं । लेकिन लाख प्रचार के बावजूद वो मुख्य अपराधी, षड्यंत्रकारी आज देश लोक हृदय में दूर तक नहीं है।             वक्त कभी थमता नहीं, चिंतन के साथ आगे बढ़ते जाना है, विश्व के 193 मान्यता प्राप्त देशों और 8 गैर मान्यता प्राप्त देशों का अंतर्राष्ट्रीय मानक नववर्ष के एक और पायदान 2026में आप-हम सभी सपरिव...

पति के साथ रिश्ते को मजबूत बनाने के तरीके

 पति के साथ रिश्ते को मजबूत बनाने के तरीके पति के साथ रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए यहाँ कुछ तरीके दिए गए हैं: 1. संचार: अपने पति के साथ खुलकर बात करें और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। एक दूसरे की बात सुनना और समझना रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद करता है। 2. विश्वास: विश्वास रिश्ते की नींव है। एक दूसरे पर विश्वास करना और उसे बनाए रखना महत्वपूर्ण है। 3. समय बिताना: अपने पति के साथ गुणवत्ता पूर्ण समय बिताएं। इससे आपके रिश्ते में मजबूती आएगी और आप एक दूसरे के करीब आएंगे। 4. समर्थन: अपने पति का समर्थन करें और उनकी सफलताओं पर गर्व करें। इससे उन्हें लगता है कि आप उनकी परवाह करती हैं। 5. माफ करना: हर किसी से गलती होती है। माफ करना और आगे बढ़ना रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद करता है। 6. रोमांस: अपने रिश्ते में रोमांस बनाए रखें। छोटी-छोटी चीजें जैसे कि सरप्राइज गिफ्ट या डेट नाइट आपके रिश्ते को ताजगी दे सकती हैं। 7. साझा लक्ष्य: जीवन के लक्ष्यों को एक साथ तय करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए काम करें। इससे आपके रिश्ते में एकता और मजबूती आएगी। इन तरीकों को अपनाकर आप अपने पति के साथ अपने ...

सहजीविता

 सहजीविता  -------------- तुम जंगल यूँ पचा नहीं सकते गमले तुम्हें बचा नहीं सकते, जीना है तो कृतज्ञ रहो प्रकृति को यूँ नचा नहीं सकते। गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... ये नदी-समंदर,पर्वत-झरने मिटे कहीं गर, लगोगे मरने  प्रकृति के इस साहचर्य को समझो  खुद से ब्याह रचा नहीं सकते।  गमले तुम्हें बचा नहीं सकते...  ये अपनी हठधर्मी छोड़ो  ये खुदग़र्ज़ी बेशर्मी छोड़ो  टूट जाओगे एक दिन मानव  खुद को गर लचा नहीं सकते। गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... लूट रहें जो पर्वत-झरने  अपनी झोली को बस भरने  अरे टूटें उनके शीश महल! क्या इतना शोर मचा नहीं सकते? गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... अपनी हद में रहना सीखो जंगल से मत लड़ना सीखो  ये खूँटे के भैंस नहीं  शेर हैं इन्हें परचा नहीं सकते। गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... गर मैं टूटा तुम भी टूटोगे  गर मैं उजड़ा तुम भी उजड़ोगे। जितनी साँसें तुमको दी हैं  उससे अधिक खरचा नहीं सकते। गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... *#अरावलीबचाओ* ✊🏾🌱 *#हसदेवबचाओ*

घर में माता-पिता के साथ संबंध कैसे बनाए रखें?

घर में माता-पिता के साथ संबंध कैसे बनाए रखें? घर में माता-पिता के साथ संबंध बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं: 1. सम्मान और आदर: माता-पिता का सम्मान और आदर करना सबसे महत्वपूर्ण है। उनकी बात सुनना और उनकी भावनाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। 2. समय देना: माता-पिता के साथ समय बिताना बहुत जरूरी है। उनके साथ बातचीत करना, उनकी पसंद का खाना खाना, और उनके साथ समय बिताने से आपके रिश्ते मजबूत होते हैं। 3. मदद करना: घर के कामों में मदद करना और माता-पिता की जरूरतों को पूरा करना भी महत्वपूर्ण है। इससे उन्हें लगता है कि आप उनकी परवाह करते हैं। 4. धैर्य और समझदारी: माता-पिता के साथ कभी-कभी मतभेद हो सकते हैं। ऐसे में धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए। उनकी बात सुनने की कोशिश करें और शांति से समस्या का समाधान निकालें। 5. प्रेम और स्नेह: माता-पिता को प्यार और स्नेह दिखाना भी जरूरी है। उन्हें गले लगाना, धन्यवाद देना, और उनके लिए अच्छा महसूस कराना आपके रिश्ते को और मजबूत बनाएगा। इन बातों का पालन करके, आप अपने माता-पिता के साथ एक मजबूत और प्रेमपूर्ण रिश्ता बना सकते हैं।