Ayurvedic Water Therapy
Ayurvedic Water Therapy - सिर्फ सही पानी पीकर भी तीनों दोष संतुलित किए जा सकते हैं - इस पोस्ट में हम एक बेहद आसान लेकिन अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले विषय पर बात करेंगे — पानी। आयुर्वेद के अनुसार सही तरीके से पानी पीना अपने-आप में एक चिकित्सा है। अगर पानी को शरीर की प्रकृति और बीमारी के अनुसार लिया जाए, तो यह वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में मदद कर सकता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा पानी पीना ही हेल्दी है, लेकिन आयुर्वेद कहता है कि सही तापमान, सही समय और सही मात्रा में लिया गया पानी ही शरीर के लिए औषधि बनता है। अब समझते हैं कि गर्म पानी और सामान्य तापमान वाले पानी का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है और किस स्थिति में कौन सा पानी बेहतर रहता है। गर्म पानी के सेवन के प्रमुख लाभ आयुर्वेदिक ग्रंथों में उष्ण जल यानी गर्म पानी को पाचन और शोधन के लिए अत्यंत उपयोगी बताया गया है। पाचन शक्ति को मजबूत करता है गर्म पानी जठराग्नि को सक्रिय करता है। जिन लोगों को भूख कम लगती है, खाना भारी लगता है या भोजन ठीक से नहीं पचता, उनके लिए गर्म पानी बहुत लाभकारी माना जाता है। यह...