संदेश

*1 जनवरी,1948 #खरसावां के शहीदों को सादर नमन ।*

1 जनवरी,1948 खरसावां के शहीदों को सादर नमन 💞🙏                       उन्मुक्त देसज वीर शहीद, अब पंछी बन ऊँची उड़ान भरते हैं, वक्त का फेर देखिये, मुख्य अपराधी षड्यंत्रकारी की खोखली ऊँची मूरत मस्तक पर पंछी रोज भर-भरकर बीट करते हैं, ऊंची मूरत और कसीदे भी दशकों बाद उसके अपराधों को ढक नहीं पाये.... उस अपराधी को आमनागरिक याद नहीं करते, आम जनमानस में वो कहीं नहीं ही है लेकिन हम सदा जीवंत हैं, आज भी अपने जीवनदर्शन, रहन सहन, समृद्ध परंपराओं में लोगों के दिलों में हैं, साथ हैं, लोग हमारे बीच हैं, हम लोगों के बीच हैं, कहीं उनके आश्चर्य का विषय हैं, ज्ञान, सीख, अनुपालन का विषय हैं, लोगों के दिलों गहरे स्नेही भावपूर्ण हैं । लेकिन लाख प्रचार के बावजूद वो मुख्य अपराधी, षड्यंत्रकारी आज देश लोक हृदय में दूर तक नहीं है।             वक्त कभी थमता नहीं, चिंतन के साथ आगे बढ़ते जाना है, विश्व के 193 मान्यता प्राप्त देशों और 8 गैर मान्यता प्राप्त देशों का अंतर्राष्ट्रीय मानक नववर्ष के एक और पायदान 2026में आप-हम सभी सपरिव...

पति के साथ रिश्ते को मजबूत बनाने के तरीके

 पति के साथ रिश्ते को मजबूत बनाने के तरीके पति के साथ रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए यहाँ कुछ तरीके दिए गए हैं: 1. संचार: अपने पति के साथ खुलकर बात करें और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। एक दूसरे की बात सुनना और समझना रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद करता है। 2. विश्वास: विश्वास रिश्ते की नींव है। एक दूसरे पर विश्वास करना और उसे बनाए रखना महत्वपूर्ण है। 3. समय बिताना: अपने पति के साथ गुणवत्ता पूर्ण समय बिताएं। इससे आपके रिश्ते में मजबूती आएगी और आप एक दूसरे के करीब आएंगे। 4. समर्थन: अपने पति का समर्थन करें और उनकी सफलताओं पर गर्व करें। इससे उन्हें लगता है कि आप उनकी परवाह करती हैं। 5. माफ करना: हर किसी से गलती होती है। माफ करना और आगे बढ़ना रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद करता है। 6. रोमांस: अपने रिश्ते में रोमांस बनाए रखें। छोटी-छोटी चीजें जैसे कि सरप्राइज गिफ्ट या डेट नाइट आपके रिश्ते को ताजगी दे सकती हैं। 7. साझा लक्ष्य: जीवन के लक्ष्यों को एक साथ तय करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए काम करें। इससे आपके रिश्ते में एकता और मजबूती आएगी। इन तरीकों को अपनाकर आप अपने पति के साथ अपने ...

सहजीविता

 सहजीविता  -------------- तुम जंगल यूँ पचा नहीं सकते गमले तुम्हें बचा नहीं सकते, जीना है तो कृतज्ञ रहो प्रकृति को यूँ नचा नहीं सकते। गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... ये नदी-समंदर,पर्वत-झरने मिटे कहीं गर, लगोगे मरने  प्रकृति के इस साहचर्य को समझो  खुद से ब्याह रचा नहीं सकते।  गमले तुम्हें बचा नहीं सकते...  ये अपनी हठधर्मी छोड़ो  ये खुदग़र्ज़ी बेशर्मी छोड़ो  टूट जाओगे एक दिन मानव  खुद को गर लचा नहीं सकते। गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... लूट रहें जो पर्वत-झरने  अपनी झोली को बस भरने  अरे टूटें उनके शीश महल! क्या इतना शोर मचा नहीं सकते? गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... अपनी हद में रहना सीखो जंगल से मत लड़ना सीखो  ये खूँटे के भैंस नहीं  शेर हैं इन्हें परचा नहीं सकते। गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... गर मैं टूटा तुम भी टूटोगे  गर मैं उजड़ा तुम भी उजड़ोगे। जितनी साँसें तुमको दी हैं  उससे अधिक खरचा नहीं सकते। गमले तुम्हें बचा नहीं सकते... *#अरावलीबचाओ* ✊🏾🌱 *#हसदेवबचाओ*

घर में माता-पिता के साथ संबंध कैसे बनाए रखें?

घर में माता-पिता के साथ संबंध कैसे बनाए रखें? घर में माता-पिता के साथ संबंध बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं: 1. सम्मान और आदर: माता-पिता का सम्मान और आदर करना सबसे महत्वपूर्ण है। उनकी बात सुनना और उनकी भावनाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। 2. समय देना: माता-पिता के साथ समय बिताना बहुत जरूरी है। उनके साथ बातचीत करना, उनकी पसंद का खाना खाना, और उनके साथ समय बिताने से आपके रिश्ते मजबूत होते हैं। 3. मदद करना: घर के कामों में मदद करना और माता-पिता की जरूरतों को पूरा करना भी महत्वपूर्ण है। इससे उन्हें लगता है कि आप उनकी परवाह करते हैं। 4. धैर्य और समझदारी: माता-पिता के साथ कभी-कभी मतभेद हो सकते हैं। ऐसे में धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए। उनकी बात सुनने की कोशिश करें और शांति से समस्या का समाधान निकालें। 5. प्रेम और स्नेह: माता-पिता को प्यार और स्नेह दिखाना भी जरूरी है। उन्हें गले लगाना, धन्यवाद देना, और उनके लिए अच्छा महसूस कराना आपके रिश्ते को और मजबूत बनाएगा। इन बातों का पालन करके, आप अपने माता-पिता के साथ एक मजबूत और प्रेमपूर्ण रिश्ता बना सकते हैं।

कर्मचारियों के परिवार कल्याण निधि (Family Welfare Fund) और समूह बीमा (Group Insurance) की पिछली कटौतियों (deductions) की जानकारी देखने के लिए

 कर्मचारियों के परिवार कल्याण निधि (Family Welfare Fund) और समूह बीमा (Group Insurance) की पिछली कटौतियों (deductions) की जानकारी देखने के लिए, आपको पे-स्लिप (Pay Slip), वेतन पर्ची (Salary Slip), जीपीएफ (GPF) या संबंधित बीमा पोर्टल (Insurance Portal) पर लॉग-इन करना होगा, या अपने HR विभाग/लेखा विभाग (Accounts Dept.) से संपर्क करना होगा, क्योंकि यह जानकारी वेतन विवरण और बीमा कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होती है.  जानकारी देखने के मुख्य तरीके: पे-स्लिप/वेतन पर्ची (Pay Slip/Salary Slip): आपकी हर महीने की वेतन पर्ची में परिवार कल्याण निधि (Family Welfare Fund) और समूह बीमा (Group Insurance) की कटौतियों का विवरण होता है. पुरानी पे-स्लिप्स को अपने रिकॉर्ड में देखें या HR/लेखा विभाग से डिजिटल/प्रिंटेड कॉपी मांगें. GPF/SIPF पोर्टल (राज्य कर्मचारियों के लिए): यदि आप राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, तो SIPF (State Insurance & Provident Fund) पोर्टल पर लॉग-इन करके अपने बीमा और अन्य कटौतियों का विवरण देख सकते हैं. sipf.rajasthan.gov.in जैसे पोर्टल पर लॉग-इन करके आप अपनी जानकारी प्राप्त कर सकत...

स्त्री का साथ

पुरुष को हमेशा एक स्त्री का साथ चाहिए    फिर वो चाहे मन्दिर हो या संसार  मंदिर में कृष्ण के साथ --> राधा                 राम के साथ --> सीता             शंकर के साथ --> पार्वती        सुबह से रात तक मनुष्य को             अपने हर काम में                एक स्त्री की           आवश्यकता होती ही है.        पढ़ते समय --> विद्या                 फिर --> लक्ष्मी        और अंत में -->  शाँति दिन की शुरुआत --> ऊषा के साथ,  दिन की समाप्ति --> संध्या से होती है.    किन्तु काम तो --> अन्नपूर्णा के                            लिये ही करना है.     रात यानी --> निशा के समय भी      ...

चरित्र पर कीचड़

  एक औरत सड़क पर एक आदमी के पास आई और विनम्रता से बोली: "माफ़ कीजिए जनाब, मैं एक छोटा सा सर्वे कर रही हूँ, क्या मैं आपसे कुछ सवाल कर सकती हूँ?"   आदमी: "जी बिल्कुल!"   औरत: "मान लीजिए आप बस में बैठे हैं, और एक महिला चढ़ती हैं लेकिन उन्हें सीट नहीं मिलती, क्या आप उन्हें अपनी सीट दे देंगे?"   आदमी: "नहीं।"   औरत ने अपने पेपर पर नज़र दौड़ाई और "बेअदब" के बॉक्स पर टिक लगा दिया। फिर अगला सवाल किया:   "अगर वह महिला गर्भवती हों तो क्या तब भी आप अपनी सीट नहीं छोड़ेंगे?"   आदमी: "नहीं।"   अबकी बार उसने "स्वार्थी" पर टिक लगा दिया और तीसरा सवाल किया: "और अगर वह महिला कमज़ोर या बुज़ुर्ग हों तो?"   आदमी: "नहीं।"   औरत (ग़ुस्से से): "तुम बेहद स्वार्थी और संवेदनहीन इंसान हो! तुम्हें महिलाओं, बुज़ुर्गों और कमज़ोर लोगों के तौर-तरीक़े नहीं  चरित्र पर कीचड़ सिखाए गए!"   यह कहकर वह तेज़ क़दमों से आगे बढ़ गई।   पास ही खड़ा दूसरा शख़्स, जो सारी बातचीत सुन रहा था, बोला: "यार, उसने तुम्हें इ...