‘पार्कर सोलर प्रोब’

  ‘पार्कर सोलर प्रोब’ 

नासा के अंतरिक्ष यान ‘पार्कर सोलर प्रोब’ ने सूर्य के अब तक के सबसे निकटतम बिंदु पर पहुंचकर इतिहास रच दिया है। एक छोटी कार के आकार का पार्कर क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कोरोना (सूर्य का सबसे बाहरी आवरण) के प्रचंड ताप का सामना करते हुए सूरज की सतह से महज 61 लाख किमी की दूरी से गुजरा। पार्कर इतिहास का सबसे तेज रफ्तार से उड़ने वाला अंतरिक्ष यान है। जिस समय पार्कर सूरज के नजदीक से गुजर रहा था, तब इसकी रफ्तार 6.90 लाख किमी प्रति घंटा थी। ये रफ्तार इतनी ज्यादा है कि इससे टोक्यो से वाशिंगटन डीसी की यात्रा एक मिनट से भी कम समय में पूरी हो जाए!

पार्कर का मुख्य उद्देश्य सूर्य और पृथ्वी के बीच के संबंधों को समझना है। यह यान विशेष रूप से सूर्य के उन पहलुओं का अध्ययन कर रहा है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पृथ्वी वासियों के जीवन पर प्रभाव डालते हैं। साथ ही, यह सूर्य पर निरंतर निगरानी रखकर इसके कई रहस्यों को सुलझाने में विज्ञानियों की मदद भी कर रहा है। मोटे तौर पर इस मिशन का लक्ष्य सूर्य के कोरोना का अवलोकन करना है, ताकि सूर्य के विभिन्न कारकों जैसे सौर तूफान, सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र और इनसे पृथ्वी के वातावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया जा सके। सूर्य की तेजस्विता, अत्यधिक तापमान और उसके चारों ओर निर्मित चुंबकीय क्षेत्र विज्ञानियों की पहुंच को सीमित कर देता है, इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए 2018 में पार्कर को भेजा गया।

सूर्य के कोरोना का तापमान लगभग 11 लाख डिग्री सेल्सियस है और अंदर का तापमान तो करोड़ों डिग्री सेल्सियस में है! इतना भीषण तापमान कुछ ही सेकंडों में धरती पर पाए जाने वाले सभी चीजों को पिघला सकती है इसलिए इस भीषण गर्मी का मुक़ाबला करने के लिए कई अत्याधुनिक तकनीकों और धातु सम्मिश्रणों का उपयोग किया गया है। पार्कर अपनी अभिन्न विशेषताओं की बदौलत अत्याधुनिक थर्मल इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना बन गया है।


उल्लेखनीय है कि सूर्य महज जीवन को सुचारु ढंग से चलाने के लिए प्रकाश और गर्मी ही नहीं देता है, बल्कि इससे हमें सौर पदार्थों का एक अदृश्य प्रवाह भी प्राप्त होता है। इस अदृश्य प्रवाह में आवेशित कण, उच्च ऊर्जा विद्युत चुम्बकीय विकिरण और मजबूत चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं शामिल हैं, जिन्हें ‘सौर तूफान’ के रूप में जाना जाता है। हमारी पृथ्वी का ऊपरी वायुमंडल और इसका सुरक्षात्मक चुंबकीय क्षेत्र सौर तूफानों को निरंतर झेलता रहता है, जिनका हमारी संचार प्रणालियों और विद्युत सेवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है, यहाँ तक इनकी वजह से ये प्रणालियां और सेवाएं ठप भी पड़ सकती हैं! पार्कर द्वारा जुटाए डाटा से अन्तरिक्ष यात्रियों, उपग्रहों, संचार सेवाओं और विद्युत ग्रिडों की सुरक्षा के लिए एहतियात बरतने में मदद मिल सकती है।



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