ST SC। पर धर्म परिवर्तन का असर
यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है, जिसे स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है। आपकी इमेज में जो दावा किया गया है, वह पूरी तरह सही नहीं है क्योंकि यह अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के बीच के एक बड़े कानूनी अंतर को नजरअंदाज करता है। भारतीय कानून के अनुसार स्थिति इस प्रकार है: 1. अनुसूचित जाति (SC) के लिए नियम अनुसूचित जाति के मामले में यह पोस्ट आंशिक रूप से सही है। संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के अनुसार, केवल वही व्यक्ति SC का दर्जा प्राप्त कर सकता है जो हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म को मानता हो। यदि कोई SC सदस्य ईसाई या इस्लाम धर्म अपनाता है, तो वह अपना SC दर्जा और उससे मिलने वाला आरक्षण खो देता है। सुप्रीम कोर्ट में अभी भी इस पर विचार चल रहा है कि क्या दलित ईसाइयों और मुस्लिमों को भी SC का दर्जा मिलना चाहिए, लेकिन फिलहाल कानून वही है जो ऊपर बताया गया है। 2. अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए नियम (आपका मुख्य क्षेत्र) इमेज में किया गया दावा अनुसूचित जनजाति (ST) पर लागू नहीं होता। यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। ST का दर्जा धर्म पर आधारित नहीं है, बल्कि यह 'जातीय पहचान' और ...